Wednesday, February 28, 2018
Sunday, February 6, 2011
kya kahun
kabhi kabhi khayal itni taaqat se zahan par yal ghar karte hain ki unka izhar karne se zuban qasir hoti hai aisi haalat me majburan kahna padta hai kya kahun?
Sunday, September 26, 2010
Thursday, November 12, 2009
जिगर की ज़मीन पर
दिल हमारा है या तुम्हारा है
दर्द दोनों को ही गवारा है
ख्वाब चुभते हैं मेरी आंखों में
मेरे अन्दर का शख्स हारा है
गाँव जाती हुई सड़क बोली
कोई तनहा है बेसहारा है
मेरे हर ग़म में जो शरीक रहा
उसको मेरी खुशी ने मारा है
कौन जालिम है कौन है मजलूम
राज़ ये सब पर आशकारा है
महमूद
दर्द दोनों को ही गवारा है
ख्वाब चुभते हैं मेरी आंखों में
मेरे अन्दर का शख्स हारा है
गाँव जाती हुई सड़क बोली
कोई तनहा है बेसहारा है
मेरे हर ग़म में जो शरीक रहा
उसको मेरी खुशी ने मारा है
कौन जालिम है कौन है मजलूम
राज़ ये सब पर आशकारा है
महमूद
Monday, August 17, 2009
सपना
सपना देखना मनुष्य की इच्छा अथवा अनिच्छा पर निर्भर नहीं करता अपितु ये सपने स्वंय ही चले आते हैं । इनका जीवन पर प्रभाव अवश्य पड़ता है जिसे नाकारा नहीं जा सकता । सपने अच्छे भी होते हैं और बुरे भी । दर्पण की तरह साफ़ भी होते हैं और बादल की तरह धुंधले भी। सपनों की एक भाषा है जिसे समझना आसान नहीं होता । जिसे ये विद्या इश्वर प्रदान करे उसे ही प्राप्त होती है।
Tuesday, August 11, 2009
life
life is a four letter world as love and it should be enjoyed only through it so we should try to generate universal love among us which is the key world for peace and calm and is also a touchstone whether the person before is with heart or without,he or should be treated like a human being or should be loved like a animal
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